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हमारे बारे में

आज के इस आधुनिक युग मे मनुष्य भौतिक सुख व वस्तुओं के मोह में बंधता जा रहा है । चाहे वह पैसा कमाने की ललक हो या नाम कमाने की ललक , भौतिक संसाधनों को इकट्ठा करने की लालसा हो या अपने अंदर छुपे मद व मोह के तुष्टीकरण  की लालसा। इन सब में मनुष्य इतना व्यस्त हो गया है कि क्षण भर रुक कर भी यह विचार उस के मन में नही आता की यह सब एक क्षणिक सुख है और इस सबका कोई अंत नही है। ज्यादा से ज्यादा पाने और भौतिक सुख जुटाने की कोशिश में ही सारा जीवन व्यतीत हो जाता हैं । अंत में व्यक्ति हार मान जाता है । और तब उसे ईश्वर की याद आती हैं । खैर “जब जागो तब सवेरा” ईश्वर की आराधना व उसकी परम सत्ता के आगे समर्पण ही मनुष्य को भौतिकवाद से निकाल कर आध्यामिक बनाता है, शांति दे सकता है।

“कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फ़लेषु कदाचन”

कर्म करना ही मनुष्य के अधिकतर क्षेत्र में आता है, उस का फ़ल कदापि उसके हाथ में नही है । केवल ईश्वर ही फ़ल दाता है । उसके निर्णय के आगे समर्पण ही मनुष्य को आत्मिक शांति दे सकता है ।

सूचना क्रांति के इस युग में व्यक्ति अपना अधिकांश समय कम्प्यूटर व इंटरनेट के सामने ही बिता रहा है । इंटरनेट पर ही समस्त जानकारी हासिल करने तथा अधिकांश समय इंटरनेट पर ही व्यतीत करने की प्रव्रति दिनों दिन बढती जा रही है । इंटरनेट की पहुँच विश्व के अधिकांश व्यक्तियों तक जल्दी ही होने जा रही है । भारत की सनातन संस्क्रति ,सामाजिक आदर्श, मुल्य व परंपरा सदैव विश्व को न सिर्फ़ आकर्षित करते रहे है बल्कि जिग्यासु अपने-अपने तर्को व जानकारी के आधार पर उनके सन्दर्भ में निष्कर्ष भी निकालते रहे हैं । यह दुर्भाग्य है कि इंटरनेट पर हिन्दुत्व व हिन्दु संस्क्रति के सन्दर्भ में जो जानकारी आज उपलब्ध है वह अधिकांश अंग्रेजी भाषा में है । परंतु जो भाव व प्रभाव हिन्दी और संस्क्रत भाषा में है वह अनुवाद में व्यक्त कर पाना लगभग असंभव है । हमारे भारत मे तो भाव ही जीवन है । अगर हमें हिन्दु सनातन संस्क्रति ,सामाजिक आदर्शों, मुल्यों व परंपराओं की जानकारी हिन्दी में ही मिले तो हम अपने जीवन मुल्यों व लोकमंगल के और अधिक निकट अपने को पायेंगे । हमारा यह प्रयास है कि हिन्दू धर्म को मानने व उस मे आस्था रखने वाले व्यक्तियों को हम इंटरनेट पर ही वह जानकारी उपलब्ध करायें जो अत्यन्त सुगमता से उपलब्ध नही है । राम भक्त डाट काम वेबसाईट का वास्तविक उदेश्य है समान विचार व आस्थावान व्यक्तियों को एक मंच उपलब्ध कराना जिसमे राम भक्ति का प्रवाह हो व विश्व में हिन्दू धर्म व संस्क्रति के प्रति जनमानस में जाग्रति व समभाव प्रचारित हो ।

इस उदेश्य से वेबसाइट मे विभिन्न शीर्षकों के अन्तर्गत भिन्न भिन्न विषयों का संग्रह किया गया है । सभी शीर्षक मुख्य प्रष्ठ के ऊपरी भाग में लिंक के माध्यम से उपलब्ध हैं ।

१) आनलाईन दर्शन- इस शीर्षक के अंतर्गत विश्व मे प्रचलित, प्राचीन व सिध्द मन्दिरों की झांकी है जो यह प्रदर्शित करती है कि ईश्वर में आस्था के भिन्न- भिन्न रुप हो सकते हैं पर वास्तव में तो ईश्व्वरीय सत्ता एक ही है ।

२) साहित्य व लेख- इस शीर्षक के अंतर्गत विभिन्न संतो व लेखकों के विचार, प्रचलित लोक-कथाऐं व आस्था,भक्ति से प्रेरित उद्र्गार हैं जो हमें ध्यान व चिन्तन के लिए प्रेरित करते हैं ।

३) आनलाईन संत- इस शीर्षक के अन्तर्गत हमारा प्रयास है कि विश्व में धर्म के उत्क्रष्ट मानकों पर चलने वाले महापुरुषों व संतो के सम्बन्ध में जानकारी उपलब्ध हो, जिनसे सभी को प्रेरणा मिले व ईश्वर के और अधिक निकट पंहुचने का मार्ग प्रशस्त हो ।

४) आनलाईन रामायण- तुलसीदास क्रत रामचरितमानस के प्रत्येक प्रष्ठ का पाठ इस शीर्षक(लिंक) के माध्यम से किया जा सकता है । गीता प्रेस की वेबसाइट से लिंक द्वारा यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिसके लिये हम सभी रामभक्त उनके आभारी हैं । साथ ही भगवत् गीता का पाठ भी इसी शीर्षक के अन्तर्गत उपलब्ध है ।

५) परिचर्चा  - इस शीर्षक (लिंक) के माध्यम से रामभक्त अपनी जिज्ञासा व विचार इंटरनेट पर पोस्ट कर सकते है । रामभक्तो के मंच पर आने वाले विचारों, सुझावों व जिज्ञासाओं का हम स्वागत करते है । हमारा प्रयास रहेगा की हम आप के प्रश्नों का उपयुक्त हल, संतो से परामर्श करके अतिशीघ्र उपलब्ध करायें ।

६) आनलाईन रामभक्त- इस शीर्षक (लिंक) के माध्यम से रामभक्तों को संगठित करके एक राम भक्त मंच का गठन किया जा रहा है । आनलाईन रामभक्त मे रजिस्ट्रेशन हेतु एक आवेदन पत्र भरना है जिसका लिंक मुख्य प्रष्ठ आनलाईन रामभक्त लिंक पर उपलब्ध है । अपना नाम, पत्र व्यवहार का पता, ई-मेल, व संपर्क फ़ोन का ब्यौरा देने के साथ ही अपने व व्यवसाय के सम्बंध में तथा अपने सामाजिक कार्यक्षेत्र का विवरण जरुर दें । वेबसाइट के सम्बंध दिये गये विचार व सुझावों का हम ह्द्र्य से स्वागत करते है व उन्हें हम परिचर्चा  शीर्षक के अन्तर्गत सम्मिलित भी करते हैं । इस फ़ार्म के साथ रामभक्त अपना पासपोर्ट साइज का फ़ोटो भी जरुर संलग्न करे, जिसे आनलाईन रामभक्त की फोटो दीर्घा में दिखाया जा सके । अगर रामभक्तो के पास वेबसाइट के लिए कोई सामग्री, फ़ोटो या वीडियो हो तो वो भी संलग्न किया जा सकता है ।

७) उपासना- श्री राम व श्री हनुमान जी की उपासना हेतु स्तुति,पाठ, मन्त्र व अन्य नियम-पध्यति इस लिंक (शीर्षक) में उपलब्ध किये जा रहे हैं ।

यह एक प्रयत्न है । इस अभियान में हम आपके सहयोग के आकांक्षी हैं । रामभक्त  परिवार गठन के इस अभिनव प्रयोग में यदि आप-सब भी हमारे साथ होगें तो अच्छा होगा ।

हम आपका स्वागत करेंगे।

सम्पर्क/संवाद

धन्यवाद, एक रामभक्त,
संजीव शर्मा
रामभक्त एसोसियेटस
449, बल्लीवाला, कांवली,
जी0एम0एस0रोड देहरादून, पिन 248001
उत्तराखण्ड,भारत
मोबाइल: +91-9897081805

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